#Shayari by Vinod Rathor

ऐ गमे जिंदगी मुझे बक्स दे मुझ में अभी जान बाक़ी हे।

यार मुझे इश्क में देने कई सारे अभी इम्तिहान बाकी हे।

और में तैयार तो हु तेरे साथ चलने के लिए गमे जिंदगी,

पर क्या करू मुझ पर महबूब के कुछ एहसान बाक़ी हे।

By-विनोद राठौर

 

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