#Tewari by Ramesh Raj

एक *तेवरी* || +रमेशराज ||

+बच्चे सूँघ रहे कपड़े को मादक एक रसायन डाल

खेल-कूद से आज फासले बने हुए हैं बम भोले। 9

+सत्ता की मधुमक्खी गुल से खूब रही मकरंद निकाल

नेता जन का खून चूसने जुटे हुए हैं बम भोले। 10

+चापलूस अफसर को प्यारे बुनते तारीफों का जाल

कामचोर चमचागीरी पर तुले हुए हैं बम भोले। 11

+रोज छुरी की धार  निहारें, चाहे जिसको करें हलाल

जिधर  देखिए उधर  कसाई खड़े हुए हैं बम भोले। 12

+मेंढक ताल बीच टर्राये, भरती जल में मीन उछाल

खतरा बनकर इनको बगुले डटे हुए हैं बम भोले। 13

+गिद्ध  चाहता लाश बिछी हों , बाज जीव पर भरे उछाल

नेता अब जनता के दुश्मन बने हुए हैं बम भोले। 14

+रमेशराज

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