#Tewari by Ramesh Raj

|| रमेशराज की एक तेवरी ||

अगर नहीं करनी बरसात, ये क्या बात?

क्यों बनता बादल प्यारे ।

जिसमें दिखें खुशी के रंग, उठें तरंग

कब आया वो पल प्यारे ।

कौन रहा यह पागल बोल, पेड़ टटोल

“फूल नहीं है फल प्यारे “।

हम बोलेंगे नहीं कठोर, तुझको चोर

पहले तनिक पिघल प्यारे ।

बनता फिरता है सुकरात, बिन औकात

ले अब जरा गरल प्यारे ।

+रमेशराज

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