#Tewari by Ramesh Raj

रमेशराज की तेवरी …

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बैठ गयौ किस्मत कौ भट्टा

अब तौ रोटी में बट्टा, जय माता की।

 

नेता रूप स्वदेशी धारे

घर पै डाॅलर के चिट्टा, जय माता की।

 

घोटालों का अन्त नहीं है

अंतहीन फैलौ पसरट्टा, जय माता की।

 

वे कहलाते गाँधीवादी

जिनके हाथों में कट्टा, जय माता की।

 

गुण्डे और लुटेरों के अब

दीखें बारम्बार झपट्टा, जय माता की।

 

पहुँच गया संसद के भीतर

अब नेता को देखि सिंगट्टा, जय माता की।

 

गलबहियों में चोर-दरोगा

थाने के भीतर भी सट्टा, जय माता की।

 

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