#Tewari by Ramesh Raj

हाइकुदार तेवरी —
——————————————-
आज प्रेम के / सुखमय मंजर / कहीं न दीखें
दरिया झीलें / जलद-समंदर / खाली-खाली हैं।
मित्र शत्रु-से / उलझन में मन / दुखः है भारी
सभी प्यार के / रतिमय अक्षर / खाली-खाली हैं।
अब रिश्तों में / अति कड़वाहट / लोग घोलते
आज नेह के / मधुमय सागर / खाली-खाली हैं।
बसा लबों पै / सघन मौन बस / नैन अश्रु हैं
खुशियों वाली / मृदुलय के घर / खाली-खाली हैं।
एक पहेली / महज बनी अब / सब सौगातें
आज दिवाली / दिन-सम उत्तर / खाली-खाली हैं।
+ रमेश राज +

Leave a Reply

Your email address will not be published.