#Tewari by Ramesh Raj

तेवरी….
सब करते हैं चोट सखी री
दें किसको हम वोट सखी |
लाले पड़े इधर रोटी के
वे चरते अखरोट सखी |
ओढ़ लिए दुःख ऐसे हमने
जैसे ओवरकोट सखी |
चित भी उनकी, पट भी उनकी
ऐसी चलते गोट सखी |
अब न दाल सुख की गलती है
चाहे जितना घोट सखी |
बाहर-बाहर सब सच्चे हैं
भीतर-भीतर खोट सखी |
यहाँ न पुजता खरा रुपैया
पुजता खोटा नोट सखी |
+रमेशराज

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