#Tewari by Ramesh Raj

मुक्तक विन्यास में तेवरी ||
दूध को बोल रहा अनमोल
दूध में ज़हर दिया है घोल |
वही जो जिसने ली है छीन
घरों से हर मुस्कान-किलोल ||

आज वो मीठा-मीठा बोल
ज़ेब जनता की रहा टटोल |
स्वच्छता का सारा अभियान
दीखता जीरो जैसा गोल ||

खुलेगी कल विकास की पोल
पीट मत सिर्फ नगाड़े-ढोल |
सुनाकर औरों के भी तर्क
न चाकू बात-बात पे खोल ||
+रमेशराज

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