#Tewari by Ramesh Raj

तेवरी ….

 

बलम छोड़ हठ-‘छत हो गाटर-पटिया की’

मेरी बात मान लै अब तू छत्ति तान लै टटिया की।

चोरी की बिजली संकट को लायेगी

ज्यादा दिन तक छुपी रहै सुन ये तरकीबन कटिया की।

बिछा चद्दरा हम-तुम सोयें धरती पर

अपने घर दामाद पधारौ करि जुगाड़ तू खटिया की।

बुरे दिनों का हल शराब से क्या निकले

फिर पी आयौ बालम पउआ तूने हरकत घटिया की।

सुन बच्चों के संग बलम मैं भी-तू भी

बता करैगौ फाँकें कितनी खरबूजे की बटिया की।

+रमेशराज

 

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